ड्राइंग रूम हमारे घर का वह स्थान है जहां पर हमारा सारा परिवार इकट्ठे बैठ कर हसीं-मजाक, गप्पे लड़ना, गेम खेलना, ठहाके मार कर हंसना, अपने सुख-दुख की बातें करना, बड़ों द्वारा अपना अनुभव बताना, इत्यादि काम होते है। यह वह स्थान है जहां पर बड़े आप कहानी में मध्यम और अपने अनुभव से अपने परिवार के संस्कार अपने बच्चों के अंदर डालते है और सभी का मार्गदर्शन करते है। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ हम सभी मिलकर अपने सपनों के बारे में, अपनों से बात करते हैं।
हमारे बड़ों ने अपने अनुभव से बताया कि यदि आपके परिवार के सभी सदस्य दिन में केवल एक बार इक्टठे होकर बैठते है तो बहुत सारी अंदरूनी बीमारियां परिवार से कोसो दूर रहती है। जैसे Depression, BP, Sugar. क्योंकि इन सभी बीमारियों का कारण है अकेलापन।
परंतु आज सभी अपने आप में व्यस्त है। किसी के पास समय नहीं है। सभी पैसे के पीछे भाग रहे है। परिवार टूटते जा रहे है।
एक समय ऐसा था जब परिवार के सभी सदस्य ड्राइंग रूम में बैठकर इकट्ठे खाना खाते थे, घर के बड़े फैसले करते थे, जिसमें घर के सभी लोगों का साथ होता था और सभी को कुछ ना कुछ सीखने को मिलता था।
परंतु आज के समय में एकल परिवार के बढ़ते चलन के कारण ड्राइंग रूम में एक साथ सभी का बैठ पाना मुश्किल होता जा रहा है, जिसके कारण ना केवल ड्राइंग रूम में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ रही है, अपितु परिवार के सदस्यों पर भी इसका नकारात्मक असर पढ़ रहा है।आइए समझते है कि लोक वास्तु शास्त्र के उपायों के द्वारा आप अपने ड्राइंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।

लोक वास्तु के अनुसार ड्राइंग रूम में पश्चिम दिशा (West) में सोफा रखना सबसे शुभ माना जाता है, इससे सोफे पर बैठने वाले व्यक्ति का मुख हमेशा पूर्व दिशा (East) की ओर होता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। अतः सोफे को पश्चिम दिशा में (West) और टीवी को पूर्व दिशा (East) में लगाना चाहिए।
यदि ऐसा संभव न हो तो सोफे को दक्षिण (एस) में रखकर उत्तर (North) की तरफ मुंह करके बैठना अति उत्तम है।
उत्तर दिशा (North) में सोफा रखने से इस पर बैठने वाले व्यक्ति का मुख हमेशा दक्षिण दिशा (South) की ओर रहता है, जिससे तनाव बढ़ने का खतरा बढ़ता जाता है, अतः इस दिशा में सोफा रखने से बचना चाहिए।

उत्तर दिशा (North) में नीले रंग से जुडी तस्वीर लगानी चाहिए, जैसे बहता हुआ पानी, या नीला आसमान।
दक्षिण दिशा (South) में पहाड़ से जुडी सीनरी या तस्वीर लगायी जा सकती है।
पूर्व दिशा (East) में उगते हुए सूर्य की सीनरी लगायी जा सकती है पर इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि उगते हुए सूर्य की सीनरी में वे भगवान की तस्वीर ना हो।
पश्चिम दिशा में आप सफेद, सलेटी रंग में कोई भी तस्वीर लगा सकते है
ड्राइंग रूम में स्टेचू लगाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि स्टेचू टूटा हुआ ना हो, साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वह फुल बॉडी स्टेचू हो।

परिवार के सभी सदस्यों को चाहिए की प्रतिदिन किसी भी समय ड्राइंग रूम में कुछ समय इकट्ठे बताए। लोक वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखकर ड्राइंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढाया जा सकता है, जिससे परिवार के सभी सदस्यों में प्रेम का माहौल बढ़ता है।
आप भी ऊपर दिए गए लोक वास्तु शास्त्र के उपायों को अपना कर अपने ड्राइंग रूम की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाएं और सौभाग्यशाली जीवन का आनंद उठायें।