स्वर विज्ञान के साथ करें अपने शुभ कार्य की शुरुआत
स्वर विज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जिसकी मदद से हम अपने सभी कार्यों को शुभ कार्यों में बदल सकते हैं और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्यों को पूर्ण भी कर सकते हैं। स्वर विज्ञान हमें यह सिखाता है कि किस प्रकार हम अपने सही स्वर का सही उपयोग करके किसी शुभ कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि जब हमें घर से बाहर जाना हो या कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो, तो किस स्वर का चलना आवश्यक है और हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही जानेंगे कि स्वर विज्ञान के साथ शुभ कार्य की शुरुआत कैसे करें –
स्वर विज्ञान के साथ शुभ कार्य की शुरुआत कैसे करें ये जानने से पहले स्वरों का ज्ञान होना अति आवश्यक है। क्योंकि सही स्वर के साथ ही आप अपने कार्यों को ना केवल पूर्ण कर सकते हैं बल्कि उन कार्यों से लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए जब भी आप किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए घर से बाहर जा रहे हों, सबसे पहले अपने स्वरों को चेक करें। इसका तरीका बहुत सरल है:
यदि आपका दायां (Rightt) स्वर (पिंगला नाड़ी, सूर्य स्वर) चल रहा है, ऐसे समय में
जब आप किसी शुभ कार्य के लिए किसी के घर या ऑफिस में पहुंचते हैं, तो फिर से अपने स्वरों को चेक करें।

इसका मतलब यह है कि आपको महत्वपूर्ण कार्य की बात करते समय अपने चलित (Active) स्वर को समझ कर उसी का उपयोग करना है, जिससे कार्य के पूर्ण होने की संभावनाओं को शत-प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
शुभ कार्य करते समय या किसी महत्वपूर्ण बैठक में, हमेशा ध्यान रखें कि आपके पैर क्रॉस (Cross) न हों। ऐसा करने से ऊर्जा प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो सकती है। सीधे बैठें और अपने शरीर को खुला रखें, ताकि आपकी सकारात्मक ऊर्जा सामने वाले व्यक्ति तक पहुंचे।
स्वर विज्ञान एक अत्यंत प्राचीन और प्रभावशाली विज्ञान है, जो हमें हमारे दैनिक कार्यों में सफलता दिलाने में सहायक हो सकता है। चाहे वह किसी से मुलाकात हो या कोई नया व्यापारिक निर्णय हो, या फिर कोई और शुभ कार्य। अपने स्वरों की सही स्थिति को पहचान कर हम अपने हर कार्य को मंगलमय बना सकते हैं।
तो अगली बार जब आप किसी शुभ काम के लिए निकलें, तो स्वर विज्ञान का प्रयोग करें और स्वर विज्ञान के साथ शुभ कार्य करते हुए अपनी सफलता को सुनिश्चित करें।
स्वर विज्ञान एक प्राचीन विधि है, जिसको सीखकर हम श्वासों के माध्यम से चलित नाड़ी के आधार पर कार्यों को मंगलमयी बना सकते हैं।
स्वर चेक करने के लिए आप अपनी उंगलियों को नासिका के नीचे रखें और गहरी सांस लें और छोड़ें। ध्यान दें कि जिस नासिका से ज्यादा प्रेशर आ रहा है, वही नासिका उस समय सक्रिय होती है।
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए बायां (Left) स्वर (ईड़ा नाड़ी, चंद्र स्वर) का चलना शुभ माना जाता है। अगर दांयी (Right) नासिका चल रही हो, तो कार्य की शुरुआत से पहले स्वर को बदलने का प्रयास करना चाहिए।
यह काम की प्रकृति, या सफर लंबा है या छोटा इसके ऊपर निर्भर करता है। साधारणतयः घर से बाहर निकलते समय छोटे सफर या रोजाना के कार्यो के लिए सूर्य स्वर (Right Nostril) सक्रिय हो, अच्छा माना जाता है। बाहर निकलते हुए दायां पैर (Right Leg) पहले बाहर निकाले । दायें हाथ (Right Hand) से दरवाजा खोलें। अपनी इच्छाओं को मन में दोहराते हुए सकारात्मक ऊर्जा के साथ बाहर कदम रखें।
जब आप किसी से महत्वपूर्ण बातचीत करें, तो सुनिश्चित करें कि सामने वाली पार्टी आपके चलित स्वर (Active Swar) की तरफ बैठे। अगर पार्टी आपके अचलित स्वर (Inactive Swar) की तरफ बैठ जाए, तो अपने शरीर को इस प्रकार से घूमाये कि व्यक्ति चलित स्वर (Active Swar) के सामने आ जाए।